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Showing posts from October, 2022

B.A. 1st Semester Political Science Syllabus

Semester – I सेमेस्टर – I Major Subject – (Political Science)  मेजर विषय – (राजनीति विज्ञान)  POL 101  Introduction to Political Science  राजनीति विज्ञान का परिचय Credits : 2+0* What is Politics ? Defining Politics, Politics as the art of Government, Politics as Public affairs, Politic as compromise and consensus, Politics as power. राजनीति क्या है? राजनीति को परिभाषित करना, राजनीति को सरकार की कला के रूप में, राजनीति को सार्वजनिक मामलों के रूप में, राजनीति को समझौता और सर्वसम्मति के रूप में, राजनीति को शक्ति के रूप में परिभाषित करना  Governments & System : Traditional systems of classifications, Why classify Political System?, Classical typologies, The three words typology, सरकारें और प्रणाली: वर्गीकरण की पारंपरिक प्रणाली, वर्गीकृत क्यों करें राजनीतिक व्यवस्था?, शास्त्रीय टाइपोलॉजी, तीन शब्द टाइपोलॉजी, The State : What is the State, Meaning & Definition राज्य: राज्य क्या है, अर्थ और परिभाषा Democracy : Defining democracy, Who are the people, how ...

BA 1st Semester Political Science (raajniti shastr, राजनीति शास्त्र) Important Questions

  1858 का अधिनियम (सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी 2021, शब्द–200) उत्तर :- 1858 ई0 का भारत सरकार अधिनियम अगस्त 1858 ई. में ब्रिटिश संसद ने एक अधिनियम पारित कर भारत में कम्पनी के शासन को समाप्त कर दिया। इस अधिनियम द्वारा भारत के शासन का नियन्त्रण ब्रिटिश सम्राट को सौंप दिया गया। इस समय विक्टोरिया ब्रिटेन की महारानी थी। ब्रिटेन का सर्वोच्च निकाय ब्रिटिश संसद थी जिसके प्रति ब्रिटेन की सरकार उत्तरदायी थी। चूंकि ब्रिटेन की सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी थी अतः भारत के लिए भी सर्वोच्च निकाय ब्रिटेन की संसद ही थी। इस अधिनियम द्वारा भारत के गवर्नर जनरल को वायसराय, जिसका अर्थ था— सम्राट का प्रतिनिधि कहा जाने लगा। महारानी द्वारा घोषणा की गई जिसे लार्ड कैनिंग के द्वारा 1 नवम्बर 1858 ई0 में इलाहाबाद में पढ़ा गया प्रावधान निम्नलिखित है – (1) घोषणा में एक तरफ राजाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया दूसरी तरफ मध्य वर्ग से भी विकास हेतु अवसरों को उपलब्ध कराने का वादा किया। (2) इस घोषणा में प्रत्येक व्यक्ति, जाति और धर्म के भेदभाव के बिना केवल अपनी योग्यता और शिक्षा के आधार पर प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश पाने...

BA 1st Semester Political Science (raajniti shastr, राजनीति शास्त्र) Important Questions

  1919 का भारत सरकार अधिनियम (सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी 2021, शब्द–500) उत्तर :– भारत सरकार अधिनियम 1919, यूनाइटेड किंगडम की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम था जिसे मांटेग-चेम्सफ़ोर्ड सुधार के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस अधिनियम के पारित होने के समय लॉर्ड मांटेग भारत सचिव तथा लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड वायसराय थे। सरकार का दावा था कि उस अधिनियम की विशेषता ‘उत्तरदायी शासन की प्रगति’ है। इस अधिनियम को संप्रभु ने 23 दिसम्बर 1919 को स्वीकृत किया था। इसके अनुसार परिषद में 8 से 12 सदस्य ही रहेंगे। भारत सरकार अधिनियम 1919, के मुख्य बिंदु निम्न है – (1) इस एक्ट की भूमिका में इस अधिनियम के उद्देश्यों का उल्लेख किया गया। इस एक्ट ने अगस्त 1917 की घोषणा को कानूनी रूप प्रदान किया। इसका प्रमुख उद्देश्य यह था कि भारत को अंग्रेजी साम्राज्य के अधीन उत्तरदायी सरकार प्रदान की जावे।  (2) केन्द्रीय कार्यकारिणी परिषद् में अब भारतीय सदस्यों की संख्या एक के स्थान पर तीन कर दी गई, परन्तु कार्यकारिणी विधान मण्डल के प्रति उत्तरदायी नहीं थी।  (3) केन्द्रीय विधान मण्डल के दो सदन कर दिये गये एक का नाम राज्य प...

BA 1st Semester Political Science (raajniti shastr, राजनीति शास्त्र) Important Questions

ईस्ट इंडिया कंपनी (सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी 2021, शब्द–200) उत्तर :- ईस्ट इण्डिया कम्पनी एक निजी व्यापारिक कम्पनी थी, जिसने 1600 ई. में शाही अधिकार पत्र द्वारा व्यापार करने का अधिकार प्राप्त कर लिया था। इसकी स्थापना 1600 ई. के अन्तिम दिन महारानी एलिजाबेथ प्रथम के एक घोषणापत्र द्वारा हुई थी। यह लन्दन के व्यापारियों की कम्पनी थी, जिसे पूर्व में व्यापार करने का एकाधिकार प्रदान किया गया था। कम्पनी का मुख्य उद्देश्य धन कमाना था। 1708 ई. में ईस्ट इण्डिया कम्पनी की प्रतिद्वन्दी कम्पनी ‘न्यू कम्पनी’ का ‘ईस्ट इण्डिया कम्पनी’ में विलय हो गया। परिणामस्वरूप 'द यूनाइटेड कम्पनी ऑफ़ मर्चेंट्स ऑफ़ इंग्लैण्ड ट्रेडिंग टू ईस्ट इंडीज' की स्थापना हुई। कम्पनी और उसके व्यापार की देख-रेख 'गर्वनर-इन-काउन्सिल' करती थी। कंपनी का गठन मसाले के व्यापार के लिए किया गया था, जिसमें उस दौर में स्पेन और पुर्तगाल का एकाधिकार था। बाद में कंपनी ने कपास, रेशम, चाय, नील और अफीम का व्यापार शुरू कर दिया था। ईस्ट इंडिया कंपनी ने तत्कालीन मुगल बादशाह जहांगीर से व्यापार और सूरत में कारखाना लगाने की इजाजत लेकर व्यापा...