BA 1st Semester Political Science (raajniti shastr, राजनीति शास्त्र) Important Questions
1858 का अधिनियम (सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी 2021, शब्द–200)
उत्तर :- 1858 ई0 का भारत सरकार अधिनियम अगस्त 1858 ई. में ब्रिटिश संसद ने एक अधिनियम पारित कर भारत में कम्पनी के शासन को समाप्त कर दिया। इस अधिनियम द्वारा भारत के शासन का नियन्त्रण ब्रिटिश सम्राट को सौंप दिया गया। इस समय विक्टोरिया ब्रिटेन की महारानी थी। ब्रिटेन का सर्वोच्च निकाय ब्रिटिश संसद थी जिसके प्रति ब्रिटेन की सरकार उत्तरदायी थी। चूंकि ब्रिटेन की सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी थी अतः भारत के लिए भी सर्वोच्च निकाय ब्रिटेन की संसद ही थी। इस अधिनियम द्वारा भारत के गवर्नर जनरल को वायसराय, जिसका अर्थ था— सम्राट का प्रतिनिधि कहा जाने लगा। महारानी द्वारा घोषणा की गई जिसे लार्ड कैनिंग के द्वारा 1 नवम्बर 1858 ई0 में इलाहाबाद में पढ़ा गया प्रावधान निम्नलिखित है –
(1) घोषणा में एक तरफ राजाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया दूसरी तरफ मध्य वर्ग से भी विकास हेतु अवसरों को उपलब्ध कराने का वादा किया।
(2) इस घोषणा में प्रत्येक व्यक्ति, जाति और धर्म के भेदभाव के बिना केवल अपनी योग्यता और शिक्षा के आधार पर प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश पाने का हकदार होगा।
(3) उद्घोषणा में सभी भारतीय राजाओं के अधिकारों के सम्मान का वादा किया गया और भारत में ब्रिटिश क्षेत्रों के विस्तार पर रोक लगा दी गयी।
(4) इस घोषणा में लोगों के प्राचीन अधिकारों व परम्पराओं आदि के सम्मान और न्याय, सद्भाव व धार्मिक सहिष्णुता की नीति का अनुसार करने का वादा किया गया।
अतः जिस अवसर की समानता की बात घोषणा में कही गयी उसे लागू नहीं किया गया। भारत की प्राचीन परम्पराओं के प्रति सम्मान के नाम पर ब्रिटिशों ने सामाजिक बुराइयों को संरक्षण देने की नीति अपना ली। विदेशी शासकों द्वारा सामाजिक सुधारों पर बहुत कम ध्यान दिया गया। और जब भारतीय नेताओं ने इन सुधारों की मांग की तो उनका विरोध किया गया।
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